अध्याय 6: एक लंबे अलगाव के बाद पुनर्मिलन

डेज़ी को तो समझ ही नहीं आ रहा था कि चल क्या रहा है। स्क्रीन पर जेम्स को उस औरत पर टकटकी लगाए देख, उसके दिल में जलन की एक चुभन-सी उठी और उसने नाराज़ होने का नाटक किया। “एमा को अजनबी बिल्कुल पसंद नहीं हैं। अगर वो इस औरत को देखना चाहती है, तो ज़रूर इसने उसके साथ कुछ किया होगा!”

जेम्स की अजीब-सी प्रतिक्रिया देखकर डेज़ी ने वीडियो वाली औरत को ध्यान से देखा और सन्न रह गई। वह बुदबुदाई, “ये औरत… शार्लेट जैसी लग रही है।”

जितना वह उसे घूरती रही, उतनी ही बेचैनी बढ़ती गई। भीतर एक बेचैन-सी हड़बड़ी उमड़ आई और उसने आग में घी डालने की कोशिश की। “ये जानबूझकर कर रही है, जेम्स। तुम्हें उलझाने के लिए। तुम्हें इसे इसकी औकात दिखानी चाहिए!”

डेज़ी मन ही मन सोचने लगी, ‘काश इसे फिर से भगा दिया जाए।’

लेकिन जेम्स ने डेज़ी की अटकलों को तुरंत सख्ती से काट दिया। “बस। हर औरत शार्लेट नहीं होती। मुझे लगता है तुम होश खो रही हो। अपनी आँखें चेक करा लो। बाहर निकलो—ये तुम्हारा मामला नहीं है।” जेम्स ने सहज ही यह मानने से इनकार कर दिया कि वीडियो में दिख रही औरत शार्लेट है, और डेज़ी को डाँटकर भगा दिया।

जेम्स की इतनी तीखी प्रतिक्रिया से डेज़ी चौंक गई। उसके भीतर थोड़ी-सी खीझ भी उठी, फिर भी वह धीमे स्वर में माफी माँगने लगी। “सॉरी। शायद मुझे गलतफ़हमी हुई। प्लीज़ मुझे मत भगाइए।”

पर जेम्स के चेहरे पर रत्ती भर नरमी नहीं आई। उसकी तेज़ नज़र डेज़ी पर टिक गई और वह तिरछे अंदाज़ में बोला, “मुझे दोबारा कहने पर मजबूर मत करो।”

डेज़ी उसके लहजे से डर गई। उसे समझ आ गया कि जेम्स मज़ाक नहीं कर रहा। उसने मन में हिसाब लगाया और आखिरकार जबरन मुस्कुराई। “ठीक है, गुस्सा मत होइए। मैं जा रही हूँ।” इतना कहते ही वह मुड़ी और बाहर निकल गई—उसकी आँखों में शार्लेट के लिए ज़हर और नफ़रत छलक रही थी।

जब भी वह शार्लेट का नाम लेती, जेम्स भड़क उठता।

डेज़ी को जाते देख जेम्स ने फिर से अपनी नज़रें निगरानी वाले वीडियो पर जमा दीं।

उसे यक़ीन था—वो औरत शार्लेट ही है।

यह सोचते ही उसकी मुट्ठियाँ भींच गईं, आँखों में दर्द भरा संयम उतर आया।

थोड़ी ही देर में उसने डीन को संदेश भेजा, अस्पताल की निगरानी फुटेज में शार्लेट को ढूँढने के लिए कहा।

लेकिन तीन घंटे इंतज़ार के बाद डीन का जवाब आया, “मिस्टर मार्टिन, हम उसे नहीं ढूँढ पा रहे। लगता है उसकी लोकेशन जानबूझकर छिपाई गई है।”

जेम्स ने भावहीन चेहरे के साथ फोन काट दिया। भीतर झुँझलाहट का तेज़ उफान उठा। फिर उसने वीडियो वाली औरत को देखा—उसकी निगाह और भी दृढ़ हो गई।

वह सोचने लगा, ‘शार्लेट… तुम कहीं भी हो, मैं तुम्हें ढूँढ ही लूँगा।’

फिर जेम्स अपने स्टडी रूम से निकलकर एमा के कमरे में गया।

उसे देखते ही एमा दौड़कर आई, आँखों में चमक थी। “डैडी।”

जेम्स ने एमा को कसकर गले लगा लिया, उसकी आवाज़ में खिंचाव था। “सॉरी। मैं पता नहीं लगा पाया कि वो कहाँ है।”

यह सुनते ही एमा उदास होकर सिर हिला बैठी, और फिर पूरी ताकत लगाकर जेम्स को कमरे से बाहर धकेल दिया।

इधर शार्लेट एंडी और नोआ के साथ घर लौट आई थी। सबको ठीक से बिठा-पटका लेने के बाद उसने सोचा कि अब दोनों को वापस स्कूल में लगाना चाहिए।

शार्लेट ने बगल में बैठी एवा की तरफ देखा और मदद माँगी। “एवा, मुझे यहाँ की चीज़ों की अभी ज्यादा समझ नहीं है। क्या तुम एंडी और नोआ के लिए कोई अच्छा-सा किंडरगार्टन ढूँढने में मदद करोगी? ये उसी उम्र के हैं जब स्कूल जाना चाहिए, और इन्हें अपने हमउम्र बच्चों के साथ मिलना-जुलना भी ज़रूरी है।”

यह सुनकर एवा को कोई हैरानी नहीं हुई। उसने खुशी-खुशी भरोसा दिलाया, “मुझ पर छोड़ दो। मैं इनके लिए सबसे बढ़िया किंडरगार्टन ढूँढ दूँगी।”

शार्लेट ने सिर हिलाया, उसे राहत महसूस हुई।

अगले दिन शार्लेट को ‘वेरिटास इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल इनोवेशन’ में रिपोर्ट करने की सूचना मिली।

वेरिटास के लोगों को पहले से जानकारी दे दी गई थी, इसलिए शार्लेट को कार्यभार संभालने में कोई दिक्कत नहीं हुई—सब कुछ सहजता से हो गया।

हैंडओवर समारोह में एलेक्स कूपर उसके साथ था। वेरिटास इंस्टीट्यूट में हर तरफ युवा लोग ही नज़र आ रहे थे।

जब ब्रैड ने शार्लेट को वेरिटास का चार्ज लेने की बात बताई थी, तो उसने एलेक्स को पहले ही वापस बुलाकर व्यवस्था संभालने को कह दिया था, ताकि शार्लेट के लिए जिम्मेदारी लेना और आसान हो जाए।

एलेक्स स्कूल में शार्लट से एक साल सीनियर था और ग्रेजुएशन के बाद से ही ब्रैड के साथ रिसर्च के काम में जुटा हुआ था। शार्लट की जेम्स से शादी हो जाने के बाद भी एलेक्स कभी-कभी उससे संपर्क करता—कभी ब्रैड का संदेश पहुँचाने के लिए, तो कभी उसकी हालत पर अफसोस जताने के लिए। जब शार्लट का तलाक हुआ, तो सबसे पहले एलेक्स ही आगे आया और उसे ब्रैड से मिलवाने ले गया।

पिछले छह सालों में एलेक्स ने रिसर्च में ही नहीं, ज़िंदगी में भी उसकी बहुत मदद की थी।

ऊपर से, नोआ और एंडी अक्सर अंदाज़ा लगाते रहते कि कहीं एलेक्स को उससे कुछ ज़्यादा ही लगाव तो नहीं।

साथ खड़े एलेक्स और शार्लट वाकई नज़र खींचते थे। एक चुलबुली-सी जवान लड़की खुद को रोक नहीं पाई और छेड़ते हुए बोली, “शार्लट और एलेक्स साथ में कितने अच्छे लगते हैं। एकदम परफेक्ट जोड़ी।”

दूसरी ने भी सुर में सुर मिलाया, “हाँ, एक शांत है, दूसरा इतना सॉफ्ट। दोनों एक-दूसरे के लिए बने हैं। अगर साथ न हुए तो अफसोस होगा।”

शार्लट ने उनकी चुहल सुनी, लेकिन मुस्कुराकर टाल दिया। “तुम लोग अभी यंग हो, करियर पर ध्यान दो। पैसा कमाने से खुशियाँ मिलनी चाहिए, गॉसिप से नहीं,” उसने कहा।

लेकिन एलेक्स की नज़र शार्लट से हटी ही नहीं। उसकी बात सुनकर उसकी आँखों की चमक एक पल को बुझ-सी गई, फिर तुरंत वैसी ही साफ़ और संयत हो गई।

शार्लट का दफ्तर में पहला दिन था, और रिवाज़ के मुताबिक उसी शाम वेलकम पार्टी रखी गई थी।

शार्लट ने कई बार मना करने की कोशिश की, मगर आखिरकार उसे सबके साथ जश्न मनाने के लिए एक बार में जाना ही पड़ा।

सबने साथ खाया-पिया, माहौल भी बढ़िया था।

शार्लट उन्हें हँसी-मज़ाक करते देखती रही, होंठों पर हल्की मुस्कान थी।

बीच में वह फ्रेश होने के लिए वॉशरूम चली गई।

शायद शराब का असर था, या बार की रौनक ही कुछ ज़्यादा थी—शार्लट ने आने-जाने वालों पर खास ध्यान नहीं दिया।

उसने सोचा, ‘ये कोई हाई-फाई जगह तो है नहीं, मुझे नहीं लगा था कि यहाँ जेम्स दिखेगा।’

जैसे ही वह बाथरूम में घुसी, तेज़ पीली रोशनी आँखों में चुभी और नशा कुछ उतर-सा गया।

शार्लट ने सिर झटका।

वह उसके बारे में क्यों सोच रही थी?

अचानक किसी ने उसकी कलाई पकड़ ली।

शार्लट की आँखें फैल गईं; वह चिल्लाने ही वाली थी कि एक जाना-पहचाना स्वर कानों में पड़ा, “मैं हूँ—चिल्लाना मत।”

एक पल को उसका शरीर अकड़ गया, फिर उसने मुड़कर उस चेहरे को देखा जिसे वह कभी बहुत अच्छी तरह जानती थी।

उसकी आँखों में दर्द की एक झलक दौड़ी, लेकिन चेहरा ठंडा ही रहा।

“जेम्स, मेरा हाथ छोड़ो। तुम्हें क्या चाहिए?” उसने कहा।

जेम्स की आज रात इसी बार में एक प्राइवेट मीटिंग थी। कुछ ड्रिंक के बाद उसका सिर घूमने लगा, तो वह होश ठीक करने के लिए वॉशरूम की तरफ चला आया। दरवाज़ा धकेलकर अंदर गया, हाथ धोने ही वाला था कि शीशे में उसे एक जानी-पहचानी परछाईं दिखी। उसका दिल धक से रह गया। जेम्स ने न जाने कितनी बार कल्पना की थी कि उसकी शार्लट से फिर मुलाकात होगी।

वह सोचता रहा था कि पहले क्या बोलेगा, मगर असल में शार्लट के मुँह से निकले ठंडे शब्द सुनकर उसके भीतर गुस्सा भड़क उठा।

उसने शार्लट के कंधे पकड़कर उसे दीवार से सटा दिया; उसकी आँखें गुस्से से लाल थीं।

वह झल्लाकर बोला, “शार्लट, तुम कितनी बेरहम हो!”

शार्लट ने पूरी ताकत से छटपटाते हुए कहा, “मुझे नहीं पता तुम क्या कह रहे हो। सब खत्म हो चुका है। छोड़ो मुझे।”

जेम्स ने छोड़ने से इनकार कर दिया, पकड़ और कस दी। दबाव बढ़ते ही शार्लट ने सहज ही उसे थप्पड़ मार दिया।

फिर दोनों वहीं जड़ हो गए, मानो एक सेकंड के लिए वक़्त थम गया हो।

गाल में उठी पीड़ा ने शार्लट को होश में ला दिया। जेम्स के पलभर के सन्नाटे का फायदा उठाकर वह झपटकर बाहर निकल गई।

प्राइवेट रूम में वापस आकर भी उसे लगा कि दिल अभी तक धड़क रहा है। जो अभी हुआ, उसे सोचकर उसके मन में एक अजीब-सी बेचैनी भर गई।

उसने अपना बैग उठाया और जल्दी से माफी मांगते हुए बोली, “सॉरी, मेरी तबीयत ठीक नहीं लग रही। मुझे जाना होगा। किसी दिन सबको खाना खिलाकर कवर कर दूँगी।”

जवाब का इंतज़ार किए बिना वह तेज़ी से बाहर निकल गई।

वह एक पल भी नहीं रुकना चाहती थी—कहीं जेम्स पीछे-पीछे आ न जाए।

एलेक्स तुरंत शार्लट के पीछे निकल पड़ा।

उन्हें जाते देख टीम के लोग और भी उत्साहित हो गए।

“एलेक्स तो एकदम साफ़ है। साफ दिखता है कि उसे शार्लट पसंद है।”

“बिलकुल। दोनों की जोड़ी जबरदस्त है।”

शार्लट घबराहट में भागी जा रही थी, कपड़े-लिबास भी कुछ अस्त-व्यस्त लग रहे थे।

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